28 जुलाई, 2010

तेरी दोस्ती में


तेरी दोस्ती में खुद को महफुज़ मानते हैं..

मह दोस्तों में तुम्हें सबसे अजीज मानते हैं..

तेरी दोस्ती के साये में जिंदा हैं..

हम तो तुझे खुदा का दिया हुआ तावीज मानते हैं..


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