08 June, 2010

वो दिल ही क्या


वो दिल ही क्या जो तेरे मिलने की दुआ ना करे..
मैं तुझको भुल के जिन्दा रहुँ, खुदा ना करे..
रहेगा साथ तेरा प्यार जिन्दगी बन कर..
ये और बात मेरी जिन्दगी वफा ना करे..

ये ठीक है नही मरता कोई जुदाई में..
खुदा किसी को किसी से मगर जुदा ना करे..
सुना है उसको महोव्त दुआऐं देती है..
जो दिल पे चोट तो खाऐ मगर गिला ना करे..

अगर वफा पे भरोसा रहे ना दुनीया को..
तो कोई शख्स महोव्त का होसला ना करे..
बुझा दिया हो नसीबों ने मेरे प्यार का चाँद..
कोई दिया मेरी पलको पे अब जला ना करे..

जमाना देख चुका है परख चुका है उसे..
कातिल जान से जाए पर इल्तिजा ना करे...

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