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तेरे दर पर

तेरे दर तक आ पहुंचे हम….!! अपना पीछा करते-करते….!!

दोस्त होते है ऐसे

दोस्त होते है ऐसे

दीयो के लीये बाती जैसे

अन्धो के लीये लाठी जैसे

प्यासे के लीये पानी जैसे

बच्चे के लीये नानी जैसे

लेखक के लीये कलम जैसे

बीमार के लीये मलम जैसे

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