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Showing posts from April, 2010

तेरा चेहरा तेरी आँखे

किसी की आँख से

दोस्त होते है ऐसे

वो करीब ही ना आऐ

काँच का तोहफा

ਲੋਕਾਂ ਲਈ

ਚੜੀ ਜਵਾਨੀ ਆਸ਼ਿਕ ਮੇਰੀ

ਕਦੇ ਦਗਾ ਨਾ ਕਰੀਏ

रूठ जाओ कितना भी

ਚਲ ਵੇ ਬੁਲਿਆ

लहरो से मिलकर

काँच को चाहत थी

जो कुछ भी मिला है