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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

किताबो के पन्नो को



किताबो के पन्नो को पलट कर सोचता हुँ..
यु पलट जाए मेरी जिन्दगी तो क्या बात है..

ख्वाबो मे रोज़ मिलती है जो..
हकीकत में मिल जाए, तो क्या बात है..

कुछ मतलब के लिए ढुँढते है मुझको..
बिन मतलब जो आऐ, तो क्या बात है..

कत्ल करके तो सब ले जाऐंगे दिल मेरा..
कोई बातो से ले जाऐ, तो क्या बात है..

जो शरीफो की शराफत मे बात ना हो..
ऐक शराबी कह जाए, तो क्या बात है..

अपने रहने तक तो खुशी दुँगा सबको...
जो किसी को मेरी मौत पे खुशी मिल जाऐ..
.... तो क्या बात है...... तो क्या बात है..

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