25 September, 2009

रोने दे तु आज हमको



रोने दे तु आज हमको.. तु आँखे सुजाने दे..

बाहों मे ले ले और खुद को भीग जाने दे..

है जो सीने में कैद दरीया, वो छुट जाऐगा..

है इतना दर्द की तेरा दामन भीग जाऐगा..