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Showing posts from July, 2009

ਮੇਰੀਆਂ ਆਂਸਾਂ

ਕੀ ਮੁੱਲ ਪਾਵੇਂਗੀ

चाँद अधुरा है

कुछ नशा

कल हो ना हो

मेरे जीने का बहाना

तेरे दिल मे रहेंगे

दुरी का ऐहसास

वो रुठे इस कदर

जवाब मिलता नही

कोई तैयार नही

तेरी जुदाई से डरता हुँ

युँ दुर रहकर

हालात

तुझे देखकर याद आया