20 April, 2009

पल दो पल का शायर

मैं पल दो पल का शायर हुँ, पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हसती है, पल दो पल मेरी जवानी है

मुझ से पहले कितने शायर, आऐ और आकर चले गऐ
कुछ आहे भर कर लोट गऐ, कुछ नगमे गा कर चले गऐ
वो भी इक पल का किसा थे, मैं भी इक पल का किसा हुँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा, जो आज तुम्हारा हिसा हुँ

कल और आऐंगे नगमो की खिलती कलियां चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले, तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे, क्यु कोई मुझको याद करे
मसरुफ जमाना मेरे लिए क्यु वकत अपना बरबाद करे

मैं पल दो पल का शायर हुँ, पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हसती है, पल दो पल मेरी जवानी है


हमेशा याद रखो......

हर फैसला सोच कर लो

0 comments

Post a Comment