20 May, 2018

अभी से मिलना

अभी से मिलना छोड़ दिया है जानम, इब्तिदा में ऐसा करोगे तो साथ क्या निभाओगे दिल के टुकड़े दिल से जुदा नहीं होते अगर दुनिया बेवफा है तो बेवक़फ़...

हर एक बात पर

हर एक बात पर वक़्त का तकाजा हुआ, हर एक याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ, सुना करते थे ग़ज़लों में जुदाई की बातें, खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाज...

04 May, 2018

मैं तेरा मुंतज़िर हूँ

मैं तेरा मुंतज़िर हूँ मुस्कुरा के मिल  कब तक तुझे तलाश करूँ अब आ के मिल यूं मिल के फिर जुदाई का लम्हा न आ सके  जो दरमियाँ में है सभी कुछ ...

03 May, 2018

दिल थाम कर

बिछड़ने/जुदाई, महोब्बत मे दर्द शायरी दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से, खौफ लगता है हमें तेरी आंखों की खता से, जितना भी मुनासिब ...

26 April, 2018

जुदाई/बिछड़ने पर शायरी हिन्दी में

बिछड़ने की शायरी हिंदी में / जुदाई शायरी का संग्रह हिन्दी में पढें बिछडनें और जुदाई शब्द पर शायरी पढें ये किस मोड़ पर ...

21 April, 2018

मासूमियत शायरी

मासूमियत शब्द पर शायरी। सादगी पर शायरी न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर.. तेरे सामने आने से ज़्यादा तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है...

15 March, 2018

परखना मत

परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता   किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता बडे लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना   जहां दरिया स...

11 March, 2018

खूबसूरत लम्हें

गुज़र जाते हैं .....खूबसूरत लम्हें ....  यूं ही मुसाफिरों की तरह.... यादें वहीं खडी रह जाती हैं .....  रूके रास्तों की तरह... एक "उ...