28 February, 2015

Chote Se Dil Mein - Friendship Shayari

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छोटे से दिल में गम बहुत है,
जिन्दगी में मिले जख्म बहुत हैं,
मार ही डालती कब की ये दुनियाँ हमें,
कम्बखत दोस्तों की दुआओं में दम बहुत है..

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25 February, 2015

Bichad Ke Tumse - Sad Shayari in Love

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बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है,
यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है,
तड़प उठता हूँ दर्द के मारे,
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22 February, 2015

Fizaye Jab Jhumti Hai - Love Shayari for You

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फिजाये जब झूमती है , ऐसा लगता है
तुमने मुझ पर इनायत कर दी है ।
प्रीत में तुम्हारे सजते है ,तो ऐसा लगता है
.... तुमसे मुहब्बत कर ली है ।
तेरा नशा इस कदर रच बस सा गया है
... मेरी रूह में , ऐ हमदम !
नाम तुम्हारा लेते है तो ,ऐसा लगता है
खुदा की इबादत कर ली है..
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18 February, 2015

Mummy (मम्मी) - Mother's Love

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लेती नहीं दवाई मम्मी ,
जोड़े पाई-पाई मम्मी ।
दुःख थे पर्वत, राई मम्मी
हारी नहीं लड़ाई मम्मी ।
इस दुनियां में सब मैले हैं
किस दुनियां से आई मम्मी ।
दुनिया के सब रिश्ते ठंडे
गरमागर्म रजाई मम्मी ।
जब भी कोई रिश्ता उधड़े
करती है तुरपाई मम्मी ।
बाबू जी तनख़ा लाये बस
लेकिन बरक़त लाई मम्मी ।
बाबूजी थे सख्त मगर ,
माखन और मलाई मम्मी ।
बाबूजी के पाँव दबा कर
सब तीरथ हो आई मम्मी ।
नाम सभी हैं गुड़ से मीठे
मां जी, मैया, माई, मम्मी ।
सभी साड़ियाँ छीज गई थीं
मगर नहीं कह पाई मम्मी ।
मम्मी से थोड़ी - थोड़ी
सबने रोज़ चुराई मम्मी ।
घर में चूल्हे मत बाँटो रे
देती रही दुहाई मम्मी ।
बाबूजी बीमार पड़े जब
साथ-साथ मुरझाई मम्मी ।
रोती है लेकिन छुप-छुप कर
बड़े सब्र की जाई मम्मी ।
लड़ते-लड़ते, सहते-सहते,
रह गई एक तिहाई मम्मी ।
बेटी की ससुराल रहे खुश
सब ज़ेवर दे आई मम्मी ।
मम्मी से घर, घर लगता है
घर में घुली, समाई मम्मी ।
बेटे की कुर्सी है ऊँची,
पर उसकी ऊँचाई मम्मी ।
दर्द बड़ा हो या छोटा हो
याद हमेशा आई मम्मी ।
घर के शगुन सभी मम्मी से,
है घर की शहनाई मम्मी ।
सभी पराये हो जाते हैं,
होती नहीं पराई मम्मी ।
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13 February, 2015

Kon Kehta Hai Kisi Ko - Love Shayari in Hindi

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कौन कहता है किसी को लव नहीं होता।
कोई तो बतलाये ये कब कब नहीं होता।
देखते ही खींच लेती इक नजर दिल को ,
और थोड़ा भी किसी को शक नहीं होता।
रास आता ही नहीं इक पल जुदा होना ,
पर जुदा ना हो मिला ये लक नहीं होता।
बस ख्यालों में हमेशा गुम रहा करना ,
होश में भी होश फिर बेशक नहीं होता।
मिल गए तो जिंदगी ना मिले तो मौत सी ,
कौन है वो दिल कभी धक धक नहीं होता।
ये पहेली है अनोखी हल नहीं होती ,
सब हुआ जितना वही क्यों अब नहीं होता।
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