11 अक्तूबर, 2018

मोहब्बत से जवानी का

मोहब्बत से जवानी का पुलिंदा बच नहीं सकता । शिकारी आप जैसा हो परिंदा बच नहीं सकता। कटारी से भले ही इक दफ़ा ज़िंदा ही बच जाऊँ, निगाहों से जो ...

10 अक्तूबर, 2018

नवरात्रि शायरी 2018

दिव्य है मां की आंखों का नूर, संकटों को मां करती हैं दूर, मां की ये छवि निराली नवरात्रि में आपके घर लाए खुशहाली।। कुमकुम भरे कदमों ...

नजर से क्यूँ

नजर से क्यूँ जलाते हो आग चाहत की, जलाकर क्यूँ बुझाते हो आग चाहत की, सर्द रातों में भी तपन का एहसास रहे, हवा देकर बढ़ाते हो आग चाहत की।

03 अक्तूबर, 2018

आरजू मुलाकात की

आरजू तमाम पिघलने लगी हैं, लो और एक शाम फिर से ढलने लगी है, हसरत-ए-मुलाकात का शौक है बस, ये ज़िद भी तो हद से गुजरने लगी है |

02 अक्तूबर, 2018

लोगों से मुलाक़ातों

मैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हे याद रखता हूँ, मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहजे याद रखता हूँ, ज़रा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से, जो ...

आसमान के तारों ने

आज आसमान के तारों ने मुझे पूछ लिया, क्या तुम्हें अब भी इंतज़ार है उसके लौट आने का। मैंने मुस्कुराकर कहा, तुम लौट आने की बात करते हो, मुझे...

29 सितंबर, 2018

तेरे शहर में

तेरे शहर में आ कर बेनाम से हो गए, तेरी चाहत में अपनी मुस्कान ही खो गए, जो डूबे तेरी मोहब्बत में तो ऐसे डूबे, कि जैसे तेरी आशिक़ी के गुलाम ...

22 सितंबर, 2018

किसने कहा

किसने कहा, मेरे दिल में  मेहमान बन के आया कर. ऐ-दोस्त,ये तेरी सल्तनत है, जब भी आए..... सुलतान बनके आया कर..