17 April, 2019

चाय शायरी - Tea Shayari Status

चाय शायरी - Tea Shayari - Chai Par Shayari


दोस्तों हम आपके लिए लाऐं है लाज़वाब चाय शायरी  और स्टेटस । इसे रोज सुबह कड़क चाय के साथ अपने दोस्तो को फेसबुक और व्हाटसऐप पर शेयर करें। इस चाय की शायरी के साथ अपने दिन को मजेदार बनाईए।  आपको सबको यह शायरी कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताऐं, धन्यवाद ।



मेरी चाय आज फिर से ज़्यादा मीठी हो गई..
कितनी बार कहा है कि बार बार तुम याद ना आया करो...
उफ्फ चाय की तरह चाहा है मैने तुझे,
और तुने बिस्कुट की तरह डुबो दिया अपनी यादो मे मुझे
मैं पीसती रही इलायची, अदरख, दालचीनी
पर महक चाय से तेरी यादों की आयी!
ये 👉 अशिक़ो 👫 का दुनिया🚩 है जनाब
यहाँ 👉 सवेरा 🌅 चाय☕ कॉफ़ी से नहीं ❌
स्टेट्स से होता है!
आपकी एक चाय,
इस शाम पर उधार है
फ़ुर्सत मिले.. तो
एक हल्की सी हँसी के साथ कभी पिला जाना
सुनो...
कभी आओ ना..मेरे घर. चाय पर बैठ
साथ बाते करेगे मेरी. कुछ तुम्हारी
हलके में मत लेना तुम सावले रंग को..
दूध से कहीं ज्यादा देखे है मैंने शौक़ीन चाय के..
मिलो कभी इस ठंड में,
चाय पर कुछ किस्से बुनेंगे..
तुम खामोशी से कहना,
और हम चुपचाप सुनेंगे
जिसका हक़ हैं उसी का रहेगा
मोहब्बत कोई चाय नहीं जो सब को पीला दे
ये बारिश का मौसम, और तुम्हारी याद
चलो फिर मिलते है ,एक कप चाय के साथ
उन्होंने कहा चाय में चीनी कितनी लीजियेगा
हमें कहा बस एक घुट पी के दीजिये
चाय के कप से उड़ते धुंए में,
मुझे तेरी शक़्ल नज़र आती है...
तेरे इन्ही ख़यालों में खोकर,
मेरी चाय अक्सर ठंडी हो जाती है..
कड़क ठंडक में कड़क चाय का मज़ा
शराबी क्या जाने चाय का नशा
सर्दी में चाय सी हैं तुम्हारी यादे
जितना मिले काम लगाती यहीं।
तीन ही शौक थे मेरे
इक चाय
इक शायरी
और तुम

चाय पर शायरी - Tea Shayari in Hindi

सुबह शाम की चाय से हो गये हो तुम ,
हर वक्त तुम्हारी ही ...तलब रहती है
आज तो चाय पीने आ जाओ
इतनी धुंध में भला कौन दिखेगा
हर घुट में तेरी याद बसी
कैसे कह दूँ चाय बुरी हैं.
ठान लिया था कि अब
और नहीं पियेगें चाय उनके हाथ की..
पर उन्हें देखा और लब बग़ावत कर बैठे
बैठे चाय की प्याली लेकर
पुराने किस्से याद करने
चाय ठंडी होती गई
और किस्से गरम होते गये
शाम जो हुई एक प्याली चाय याद आई.
तेरी चाहत की की महक मेरे घरोनदे तक आई.
शाम की चाय पे इंतजार है तुम्हारा…
आके अपने हाथों से पिला जाओ…!!!
सिगरटें चाय धुआँ रात गए तक बहसें,
और कोई फूल सा आँचल कहीं नम होता है।

चाय शायरी - Tea (Chai) Shayari in Hindi

मेरी शायरी में जब शामिल तलब चाय की होती है,
बस क्या कहें, उस शायरी की अलग ही बात होती है..
यादों में आप और हाथ में चाय हो,
फिर उस सुबह की क्या बात हो..
हम तुम शायरी और एक कप चाय,
ख्वाब भी देखो जाना मेरे कितने हसीन है..
एक अजीम तोहफा है चाय भी,
सिर्फ ये बात चाय पीने वाले ही जानते है..
एक चाय फीकी सी हो जाए,
तुम्हारी मीठी- मीठी बातों के साथ..
जिदंगी असली वही जीते है,
कैसा भी हाल हो वो बस चाय पीते है..
शायरी, चाय और एक तुम,
आजकल मुझको भाते बहुत हो..
मेरा दिल जलाते बहुत हो...
हमे वो देखते ही आय हाय करते रहे,
हमारी तलब तो देखिये साहेब हम चाय चाय करते रहे..
शायरी का मेरी इतना तो सिला दो,
बुला के घर एक कप चाय तो पिला दो..
मैने बंद कर दिया तुम्हें सोचना,
इसी खातिर कप चाय का एक कम कर दिया..
तुम्हारा ख्याल और तन्हा इतवार,
बेपनाह इश्क़ और एक कप चाय..

चाय पर शायरी हिंदी में - Tea (Chai) Shayari Collection in Hindi

एक लम्हा जन्नत का जी कर आया हूँ,
मैं माँ की झूठी “चाय” आज
पी क़र आया हूँ..
हाय ये मजबूरी किस तरह बयां करूँ,
कमबख्त गिलास तो दे रहा है पूरा पर चाय अधूरी..
ख़ुशनसीब है हमसे वह चाय की प्याली,
जो सुबह सुबह चूम लेती है तेरे होंटों की लाली..
सुनो !!!
चाय भी छूटती जा रही है अब धीरे-धीरे,
जैसे कि तुम दूर होते जा रही हो..
एक कप कड़क चाय,
3 breakup का दर्द भुला देती है..
दो कप चाय और
इतवार की सुबह,
तुम्हें याद है या सब भूल गये..
मै पीसता रहा अदरक,
इलायची और दालचीनी,
पर चाय से महक तेरी यादों की आयी..
दिल इँसान का और कप चाय का,
हमेशा बड़ा होना चाहिए..
अगर चाय से सच मे मोहब्बत हो जाये,
तो नींद रातो की उड़ जाती है..
आपकी एक चाय,
इस शाम पर उधार है
फ़ुर्सत मिले तो
एक हल्की सी हँसी के साथ कभी पिला जाना
#चाय गरम ☕
💋#होंठ नरम
👉 #चुम्मा😘 देने में 👈
👉 #क्या शर्म 👈
आज लफ्जों को मैने शाम की चाय पे बुलाया है..
बन गयी बात तो ग़ज़ल भी हो सकती है...
Boyzzz के लिए चाय बना रही हूं 😙
जहर कितनी चम्मच डालू😜
ठंड बहुत है.
कोई ज्ञान नहीं बांटेगा,
जिसको बांटनी है चाय बांटो
सर्दियो में चाय पिलाना बड़े पुण्य का काम होता हैं ?
कौन कौन पुण्य करेगा आज.?

चाय पर शायरी पढें और शेयर करें in Hindi

सर्दियों के बस दो ही जलवे,
*तुम्हारी याद 🙈🙈
😍😍और चाय
'इश्क़ और सुबह की चाय दोनों एक समान होती हैं,
हर बार वही नयापन, हर बार वही ताज़गी
आज फिर चाय की मेज़ पर एक हसरत बिछी रह गयी..!!
प्यालियों ने तो लब छू लिए केतली देखती रह गयी...
चाय, शायरी, और तुम्हारी यादे
भाते बहुत हो. दिल जलाते बहुत हो .
कुछ इस तरह से शक्कर को बचा लिया करो,
#चाय जब पीओ हमें जहन में बैठा लिया करो.
एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास.
वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है.
मिलो कभी चाय पर फिर क़िस्से बुनेंगे..
तुम ख़ामोशी से कहना हम चुपके से सुनेंगे.

आपको हमारी चाय शायरी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताऐं ...

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