यहां लोग - Galti Shayari

Galti Shayari, Khata Shayari, Usul shayari, गलती शायरी, खता शायरी, उसूल शायरी

यहां लोग अपनी गलती नहीं मानते...
किसी को अपना कैसे मानेंगे...!!
अपने उसूल कभी यूँ भी तोड़ने पड़े
खता उसकी थी हाथ मुझे जोड़ने पड़े।

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