विधाता की अदालत

विधाता की अदालत  - hindi shayari

विधाता की अदालत में,
वक़ालत बड़ी प्यारी है,
ख़ामोश रहिये ..कर्म कीजिये..
आपका मुकदमा ज़ारी है।  

Comments

  1. 'किसी और का काम पूर्णता से करने से कहीं अच्छा है कि अपना काम करें, भले ही उसे अपूर्णता से करना पड़े

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