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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

अपनी महोब्बत से मिलने के लिए शायरी - Milan Ki Shayari in Hindi

अपनी महोब्बत से मिलने के लिए शायरी - Milan Ki Shayari in Hindi
दिल को जहान भर के मुहब्बत के ग़म मिले,
  कमबख़्त फिर भी सोच रहा है कि कम मिले।
कुछ वक़्त ने भी साथ हमारा नहीं दिया,
  कुछ आप की नज़र के सहारे भी कम मिले।
बे-इख़्तियार आँखों से आँसू छलक पड़े,
  कल रात अपने आप से जिस वक़्त हम मिले।
खोया हुआ है आज भी पस्ती में आदमी,
  मिलने को इसके, चाँद पे नक़्श-ए-क़दम मिले।
'रहबर' हम इस जनम में जिसे पा नहीं सके,
  शायद कि वो सनम हमें अगले जनम मिलें।

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