Pyar Ka Izhaar in Hindi Shayari

तलब है तुम्हारी कि मिटती नही है,
ये जिदगीं तुम बिन कटती नही है,
लाख चाहा कि लिख दू मै दर्द अपना,
कलम है कि तेरा फरेब लिखती नही है।

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