बरसो की चाहत - Love Sad Shayari




बरसो की चाहत को बदलते देखा,
चाहने वालो को मुकरते देखा,
कैसे सजाऐं फकीरा मुहब्बत का जहाँ,
हर सपने को टुट के बिखरते देखा...

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