21 September, 2015

हद-ए-शहर से

Life Shayari in Hindi
हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली,
कुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली,
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ,
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।