14 September, 2015

जख्म बन जाने की - Love Shayari

Jakham - Love Shayari
जख्म बन जाने की आदत है उसकी,
रूला कर मुस्कुराने की आदत है उसकी,
मिलेगें कभी तो खूब रूलाएगें उसको,
सुना है रोते हुए लिपट जाने की आदत है उसकी..!!

3 comments:

  1. Mohabbat ke kasti me safar to ham v Karna chahtea the, leken zes kasti ko v hamne samjha sahra, chorti gayi wo kenara, ahsas huwa mujhe ous pal, mohabbat to hai ak-duje ka sahra, hai eske bagair adhura zevan Sara..........

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  2. आप के ब्लॉग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है देखे भारतीय सिनेमा की हर खबर एक क्लिक पर http://www.guruofmovie.com

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