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Uski Masrufiyat Mera Intzaar

सब उसकी., मसरूफियत में शामिल हैं...!! बस एक ., मुझ  बे-ज़रूरी के सिवा.....!! #Uski Masrufiyat 

Kabhi Haste Ho Kabhi - Love Shayari for You

कभी हंसते हो कभी तुम रूठ जाते हो,
तुम इन अदाओं से मेरा दिल चुराते हो,
बुझ गई हूं मैं बंधनों में रहते-रहते,
एक तुम ही तो हो जो मुझको जलाते हो,
एक जवां प्यास मिली है तुमको पाकर,
ख्वाब का दरिया सहरा में बहाते हो,
बारहा तेरे ही पास मैं चली आती हूं,
अपने सितमों से ऐसा असर छोड़ जाते हो..

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