19 June, 2014

Kya Kya Rang - Zindagi Ki Shayari

क्या-क्या रंग दिखाती है जिन्दगी,
अपने बिछ्डो की याद दिलाती है जिन्दगी!
रो- रो कर भी हँसना सिखाती हैं जिन्दगी,
फूलो में रहकर कांटो पर चलना सिखाती है जिन्दगी!
बेगानों को भी अपना बनाती है जिन्दगी,
दूर रहकर भी पास होने का एहसास कराती है जिन्दगी!
एक पल में हजार रंग दिखाती है जिन्दगी,
कभी पतझड़ कभी गुलशन बन जाती है जिन्दगी!
फूलो की तरह मुरझाती है जिन्दगी,
तितली की तरह उड़ जाती है जिन्दगी!
गिरगिट की तरह रंग बदल जाती है जिन्दगी,
क्यो न इसे जिया जाए,
क्योकि सब कुछ खोकर भी...
.... जीना सिखाती हैजिन्दगी

1 comments:

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