12 November, 2010

आँसु हो - Ansu Ho


आँसु हो जो तेरे दामन में तो उन्हें आँखों तक ना लाना..

अलफाज़ो की सिआही से उन्हें हम तक पहुँचाना...

सम्भालेगा ये सागर तेरी आँख के हम मोती को कुछ इस तरह..

... की बन जाऐ हम मोती मेरी जिन्दगी का खज़ाना..



Ansu Ho Jo Tere Daman Mein To Unhe Ankhon Tak Na Lana,

Alfazon Ki Shyahi Se Unhen Hum Tak Pahuchana..,

Sambhalega Yeh Sagar Teri Ankh Ke Har Moti Ko Kuch Is Tarah..,

Ki Banjaye Har Moti Meri Zindagi Ka Khazana…!

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