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Showing posts from February, 2010

किताबो के पन्नो को

रब से आपकी ख़ुशी मांगते हैं

दोस्ती के वादे

खामोशी में हमे

ਰੱਬ ਮਰਨ ਤੇ ਪੁਛੇ

फूलो से कह दो

हस्ती मिट गई

आज उनको हमारी जरुरत नही

चले गऐ हो दूर

दिलों को खरीदने वाले

संता पुलिस से

निभानी है दोस्ती

ਦਿਲ ਕਰਦਾ ਏ

पलकों को झुका कर