19 January, 2010

मैं डुबा तो



मैं डुबा तो किनारे पे खडी थी दुनीया..

हसने वालो में मेरा मुक्कदर भी शामिल था..

रो रहा था जो जनाज़े से लिपट कर मेरे..

कैसे कह दूँ की वही मेरा कातिल था